Wednesday, October 21st, 2026

 नरम हुए चीन के तेवर, नाकु ला में कम की पेट्रोलिंग

 नई दिल्ली 
नरेन्द्र मोदी सरकार नकु ला को लेकर फिलहाल कुछ भी बोलने से इनकार कर रही है। पैंगोंग त्सो पर भारतीय सेना और चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) के संयुक्त प्रयास से सामान्य हो रही स्थिति के प्रभाव ने जाहिर तौर पर नाकु ला पर भी तनाव को कम किया है। यहां मई 2020 के बाद से तनाव की स्थिति बनी हुई थी। कंचनजंगा चोटी के दक्षिण-पश्चिम में स्थित उत्तर सिक्किम में 14,000 फुट से अधिक ऊंचे दर्रे पर 9 मई, 2020 को दोनों सेनाओं के बीच जमकर गोलीबारी हुई और 20 जनवरी, 2021 तक दोनों पक्षों के सैनिकों को चोटें भी आईं। यहां भी पेट्रोलिंग कम कर दी गई है। आपको बता दें कि पीएलए के मामले में निर्णय लेने का अधिकार राष्ट्रपति शी जिनपिंग के नेतृत्व वाले केंद्रीय सैन्य आयोग के पास है, जो कि चीन के रक्षा बलों के कमांडर-इन-चीफ भी हैं।


एक पूर्व आर्मी चीफ का कहना है, "जिस गति से पीएलए ने पैंगोंग त्सो के उत्तरी किनारे पर फिंगर 8 से आगे और श्रीजाप मैदानों की ओर अपने सैनिकों को वापस कर लिया है, साथ ही दक्षिणी किनारे से 220 के करीब चीनी टैंकों की वापसी से स्पष्ट रूप से पता चलता है कि चीन में ये निर्देश उच्चतम स्तर से आए हैं।” इससे यह समझा जाता है कि उत्तरी किनारे में चीन की वापसी कमोबेश पूरा हो गया है और दक्षिणी किनारों में झील से कैलाश रेंज की ओर जाने की कवायद जारी है।
 

 

#कम की पेट्रोलिंग

Source : Agency

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